LPG Rates Today:देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी की गई है, जिसका सीधा असर आम जनता के बजट पर पड़ा है। घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलो के सिलेंडर में ₹60 की बढ़ोतरी हुई है, जबकि 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में ₹144 तक का इजाफा हुआ है। यह बढ़ोतरी लगभग सभी राज्यों और शहरों में देखी जा रही है।
बड़े शहरों में गैस की नई कीमतें
देश के प्रमुख शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अलग-अलग स्तर पर पहुंच गई हैं:
- दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹913 हो गई है
- मुंबई में यह ₹912.50 है
- चेन्नई में ₹928.50 तक पहुंच गई है
- कोलकाता में यह ₹939 हो गई है
वहीं कमर्शियल सिलेंडर की बात करें तो चेन्नई में इसकी कीमत ₹2,043.50 तक पहुंच चुकी है। हैदराबाद में घरेलू सिलेंडर ₹965 तक पहुंच गया है, जो इसे महंगे शहरों में शामिल करता है।
राज्यों के अनुसार कीमतों में अंतर
देश के अलग-अलग राज्यों में गैस की कीमतों में काफी अंतर देखने को मिल रहा है।
- बिहार में घरेलू सिलेंडर ₹1,002.50 तक पहुंच गया है
- महाराष्ट्र में यह ₹912.50 है
- उत्तर प्रदेश में इसकी कीमत ₹950.50 है
- राजस्थान में यह ₹916.50 है
पूर्वोत्तर राज्यों जैसे मणिपुर और मिजोरम में कीमतें ₹1,064 से भी ऊपर चली गई हैं। इसका मुख्य कारण परिवहन लागत और भौगोलिक स्थिति को माना जा रहा है।
आम लोगों के जीवन पर प्रभाव
एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों का असर सीधे आम परिवारों पर पड़ता है। खासकर मध्यम वर्ग और गरीब वर्ग के लिए यह एक बड़ी परेशानी बनती जा रही है।
गैस सिलेंडर अब हर घर की जरूरी जरूरत बन चुका है। इसकी कीमत बढ़ने से लोगों को अपने अन्य खर्चों में कटौती करनी पड़ती है। छोटे दुकानदार, होटल और ढाबा चलाने वाले लोगों पर भी कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने का असर साफ दिखेगा।
आगे कीमतों में क्या हो सकता है बदलाव
विशेषज्ञों के अनुसार, एलपीजी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सरकार की नीतियों पर निर्भर करती हैं। अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो आगे भी गैस सिलेंडर महंगा हो सकता है।
हालांकि, अगर कीमतें ज्यादा बढ़ती हैं तो सरकार आम जनता को राहत देने के लिए सब्सिडी या अन्य योजनाएं लागू कर सकती है।
कुल मिलाकर, एलपीजी गैस की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है। इससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है और रोजमर्रा के खर्चों पर असर पड़ा है।
इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपने खर्चों की योजना बनाकर चलें और गैस के उपयोग में सावधानी बरतें। साथ ही, समय-समय पर सरकारी घोषणाओं पर नजर रखना भी जरूरी है, क्योंकि कीमतों में बदलाव जारी रह सकता है।








